Gold Silver Rate Today: बीते शुक्रवार को सोने की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला और सोने का भाव 80348 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमत भी 91211 रुपये प्रति किलो के स्तर पर थी। यह कीमतें शनिवार को बाजार बंद रहने के कारण स्थिर रहेंगी। भारत में सोने और चांदी की कीमतें रोजाना इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा अपडेट की जाती हैं। यह कीमतें बाजार के उतार-चढ़ाव को दर्शाती हैं और विभिन्न कारकों से प्रभावित होती हैं।
सोने की कीमतों का असर उसके शुद्धता के आधार पर होता है। उदाहरण के लिए, 24 कैरेट सोना, जो शुद्धतम रूप में होता है, उसका भाव 80348 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतें इससे कम हैं। यदि हम विभिन्न शुद्धता वाले सोने की बात करें, तो उनके भाव इस प्रकार हैं:
- 24 कैरेट सोना (999): 80348 रुपये प्रति 10 ग्राम।
- 22 कैरेट सोना (916): 73599 रुपये प्रति 10 ग्राम।
- 18 कैरेट सोना (750): 60261 रुपये प्रति 10 ग्राम।
- 14 कैरेट सोना (585): 47004 रुपये प्रति 10 ग्राम।
वहीं, चांदी की कीमतों में शुक्रवार को मामूली वृद्धि हुई है और यह 91211 रुपये प्रति किलो के स्तर पर स्थिर रही है।
भारत के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें
भारत के विभिन्न प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में अंतर होता है। आइए जानते हैं कि भारत के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें क्या हैं:
- दिल्ली में 22 कैरेट सोने का भाव 75410 रुपये और 24 कैरेट सोने का भाव 82250 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
- मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने का भाव 75260 रुपये और 24 कैरेट सोने का भाव 82100 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
- जयपुर, लखनऊ, गुरुग्राम, चंडीगढ़ और नोएडा में 22 कैरेट सोने का भाव 75410 रुपये और 24 कैरेट सोने का भाव 82250 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
गोल्ड हॉलमार्क और इसकी अहमियत
सोने की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए गोल्ड हॉलमार्क बहुत महत्वपूर्ण होता है। हॉलमार्क सोने पर उसकी शुद्धता को प्रमाणित करने के लिए अंकित किया जाता है। विभिन्न शुद्धताओं वाले सोने पर अलग-अलग हॉलमार्क अंकित होते हैं:
- 24 कैरेट: 999
- 22 कैरेट: 916
- 21 कैरेट: 875
- 18 कैरेट: 750
- 14 कैरेट: 585
हॉलमार्क देखकर ग्राहक सोने की शुद्धता की पुष्टि कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर सोने पर 916 अंकित है, तो यह 91.6% शुद्ध सोना होता है।
सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण
सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव कई वैश्विक और घरेलू कारकों पर निर्भर करते हैं। इनमें प्रमुख कारक हैं:
- जब मांग बढ़ती है, तो सोने और चांदी की कीमतें भी बढ़ जाती हैं।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की स्थिति सोने की कीमतों को प्रभावित करती है।
- जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो निवेशक अन्य विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे सोने की कीमतों में गिरावट हो सकती है।
- आयात शुल्क और कर नीतियां सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव ला सकती हैं।
- जैसे आर्थिक संकट, युद्ध या राजनीतिक अस्थिरता, ये सभी घटनाएं सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित करती हैं।
क्या सोना निवेश के लिए सही विकल्प है?
सोना भारतीय संस्कृति और निवेश का अहम हिस्सा रहा है। इसे एक सुरक्षित और स्थिर निवेश के रूप में देखा जाता है। खासकर मुद्रास्फीति के समय सोने की कीमत स्थिर रहती है और यह एक लंबी अवधि के निवेश के रूप में अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है।
सोने को निवेश के रूप में कुछ प्रमुख फायदे होते हैं:
- सोने का मूल्य मुद्रास्फीति के समय भी स्थिर रहता है।
- सोने को आसानी से नकदी में बदला जा सकता है।
- पोर्टफोलियो में सोने को शामिल करने से जोखिम कम होता है।
ग्राहकों के लिए सुझाव
अगर आप सोने या चांदी की खरीदारी करने जा रहे हैं, तो निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
- सोने की शुद्धता की जांच करें: खरीदारी करते समय सोने के हर टुकड़े पर हॉलमार्क चेक करना जरूरी है।
- कीमतों की तुलना करें: अलग-अलग शहरों में कीमतों की तुलना करके ही खरीदारी करें।
- लंबी अवधि का निवेश करें: सोने को हमेशा दीर्घकालिक निवेश के रूप में देखें।
- ज्वेलरी की रसीद लें: खरीदारी के बाद ज्वेलरी की पूरी डिटेल वाली रसीद जरूर लें।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में हलचल जारी रह सकती है। वैश्विक और घरेलू घटनाक्रम इनकी कीमतों पर प्रभाव डालेंगे। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार पर नजर बनाए रखें और सोच-समझकर निवेश करें।